Towards understanding self from knowledge perspective, with compassion to contemporary identities and ideations towards richer ones.
उन्हें हमारा हँसना इतना नागवार गुज़रा,
बुला के , वफ़ा का वास्ता दे , ज़िंदगी भर के लिए रुला छोड़ा।
आज यहाँ एक अजीब बात हो गईएक शेर पूरी की पूरी ग़ज़ल हो गई
आप जैसे वरिष्ठ चिट्ठाकार का मेरे ब्लॉग पे आनामेरे लिए यही बड़े गर्व की बात है ... आपके शब्दों के लिए धन्यवाद।
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2 टिप्पणियां:
आज यहाँ एक अजीब बात हो गई
एक शेर पूरी की पूरी ग़ज़ल हो गई
आप जैसे वरिष्ठ चिट्ठाकार का मेरे ब्लॉग पे आना
मेरे लिए यही बड़े गर्व की बात है ... आपके शब्दों के लिए धन्यवाद।
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